एक मिसाल बन कर कर रहे हैं लोगो की सेवा

एक मिसाल बन कर कर रहे हैं लोगो की सेवा

भीमपुर

हमे बहुत खुशी होती हैं जब हम ऐसी शख्सियत से आपका परिचय करवाते हैं । इनका परिचय यह भी की यह आज युवाओं के मार्गदर्शक एवँ प्रेरणास्त्रोत,समाज के शुभचिंतक, कुशल नेतृव एवँ बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं । नाम है रामावतार बावरिया , पेशे से स्वास्थ्य कर्मिचारी व क्षेत्र के डॉक्टर है । डॉ रामावतार बावरिया जो कि हमारे अपने बैतुल जिले के उस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अपनी चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे है जिसे पहले हम एक कालापानी के नाम से जानते थे दामजीपुरा क्षेत्र । जी हां दामजीपुरा इसी क्षेत्र में एक उप स्वास्थ्य केंद्र देसली में एमपीडब्लू के पद पर पदस्थ है डॉ बावरिया जी जिला छिंदवाड़ा के रहने वाले है।डॉ बावरिया जी ग्राम देसली में सन 1998 से पदस्थ है । इनका मानना यह है कि जब वे इस गांव में आये थे तो यहाँ किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नही थी जहाँ तक कि इस गांव से किसी मरीज को इलाज के लिए जिला अस्पताल या ब्लॉक स्तर पर ले जाने के लिए कोई साधन नही हुआ करता था,जब वे यहाँ आये तो यहा के ग्रामीण अंचल के बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया , उनके बीच रहकर उन्हें हिंदी बोलना सिखाया और आज ये स्थिति है कि उस क्षेत्र के सभी बच्चें शिक्षित है और जागरूक है। उस क्षेत्र के ग्रामीणों का मानना है कि डॉ बावरिया हमारे लिए एक मसीहा के रूप में यहाँ आये है और हमे चिकित्सा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के केस क्यों न हो वे स्वयं इसे ठीक करते है चाहे catheter लगाना, टाके लगाना, प्रसव करवाना,निमोनिया,डायरिया, फीवर केस,जोंडिस आदि सामान्य सभी प्रकार की बीमारी का यहा पूरी तरह इलाज होता है और डॉ साहब के पास केवल हमारे ही क्षेत्र के नही बल्कि वे लोग भी आते है जो बड़े बड़े हॉस्पिटल में जाकर अपना ईलाज करवा चुके है परंतु वहा उन्हें किसी भी प्रकार का कोई आराम नही मिलने पर लोग भी यहाँ आकर इलाज के दौरान ठीक हो जाते है ।यह सब डॉ साहब के निरंतर अभ्यास की वजह से होता है । वे इस बात को दोहराते भी है कि practice make you perfect(अभ्यास आपको परिपूर्ण बनाता है)। डॉ बावरिया सर के साथ दो महिला स्वास्थ्यकर्मी है जो ANM के पद पर पदस्थ है अनिता मर्सकोले जी,अन्तिमबाला आखरे जी।डॉ साहब इस क्षेत्र में लगभग 40 गाँव के लोगो की निःस्वार्थ भाव से सेवा करते है। इनके कार्य को देखकर मैं कहना चाहता हूँ क्योकि जो डॉ साहब है उनके दोनों पैर ठीक नही है फिर भी इतना संघर्ष कर रहें है । इस पर मेडिटेक कैरियर इंस्टीट्यूट बैतुल के संचालक डॉ राजा ध्रवे कहते है कि - परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन,ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं,अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं,ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं इसी कार्य के लिए आज के इस वर्तमान समय मे हमारे देश के सभी डॉक्टर्स और उनकी टीम को एक भगवान का दर्जा दिया जाता है । मेडिटेक की पूरी टीम इस सुपर हीरो को सदैव एक जाबाज सिपाही को सब्ल्यूट करता हैं और इस तरह के काम के लिये हमेशा सहयोग के लिये ततपरता से खड़ा रहने की बात रखता हैं और हम भी यही दुआ करते हैं कि वे अपनी सेवा से निरन्तर लोगो का इलाज करते रहे ।।