आजीविका मिशन के महिला समूहों को 09 करोड़ रुपये का ऋण वितरण,महिलायें संगठित होकर रोजगारमूलक गतिविधियों को आगे बढ़ायें-मंत्री श्री कावरे

आजीविका मिशन के महिला समूहों को 09 करोड़ रुपये का ऋण वितरण,महिलायें संगठित होकर रोजगारमूलक गतिविधियों को आगे बढ़ायें-मंत्री श्री कावरे
आजीविका मिशन के महिला समूहों को 09 करोड़ रुपये का ऋण वितरण,महिलायें संगठित होकर रोजगारमूलक गतिविधियों को आगे बढ़ायें-मंत्री श्री कावरे
आजीविका मिशन के महिला समूहों को 09 करोड़ रुपये का ऋण वितरण,महिलायें संगठित होकर रोजगारमूलक गतिविधियों को आगे बढ़ायें-मंत्री श्री कावरे
आजीविका मिशन के महिला समूहों को 09 करोड़ रुपये का ऋण वितरण,महिलायें संगठित होकर रोजगारमूलक गतिविधियों को आगे बढ़ायें-मंत्री श्री कावरे

मध्यप्रदेश शासन द्वारा गरीब कल्याण सप्ताह के अंतर्गत आज 20 सितम्बर 2020 को मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री आयुष (स्वतंत्र प्रभार) एवं जल संसाधन विभाग श्री रामकिशोर “नानो’’ कावरे के मुख्य आतिथ्य में आजीविका मिशन के महिला स्व सहायता समूहों को ऋण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाईट बालाघाट के सभाहाल में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत प्रधान श्रीमती रेखा बिसेन ने की । इस कार्यक्रम में मंत्री श्री कावरे के हाथों महिला समूहों को 09 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किये गये। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल में दिये गये संबोधन का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत बालाघाट के प्रधान श्री पूरनलाल ठाकरे, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती उमा महेश्वरी, अपर कलेक्टर श्री फ्रेंक नोबल ए, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री दिगम्बर भोयर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक श्री ओमप्रकाश बेदुआ, जनपद पंचायत बालाघाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गायत्री कुमार सारथी, बैंक अधिकारी एवं जिले के सभी विकासखंड से आयी स्वं सहायता समूहों की दीदियां उपस्थित थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुष मंत्री श्री कावरे इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में पहले बेटी के जन्म पर खुशियां नहीं मनाई जाती थी, बेटी का जन्म होने पर परिवार में मायूसी छा जाती थी। लेकिन अब वक्त बदल गया है और बेटी के जन्म को अभिशाप नहीं समझा जाता है, बल्कि बेटी के जन्म पर परिवार में खुशियां मनायी जाती है। यह सब संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए बनायी गई योजनाओं के कारण। मध्यप्रदेश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया गया। बेटियों को स्कूल में पढ़ने के लिए गणवेश से लेकर साईकिल तक दी गई। लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई गई। मंत्री श्री कावरे ने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया गया है। महिलायें समूह बनाकर रोजगार मूलक गतिविधियों से जुड़ रहीं है और अपने परिवार के लिए आय अर्जित कर रही है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाओं में नये आत्म विश्वास का संचार हुआ है और वे संगठित हुई है। महिलाओं ने संगठन की शक्ति को पहचाना है और निरंतर आगे बढ़ रही है। मंत्री श्री कावरे ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार महिला समूहों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव मदद करेगी। आज बालाघाट जिले के समूहों को लगभग 09 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने व्यवस्था बना दी है कि समूह को दिये गये ऋण पर समूह की महिलाओं से मात्र 04 प्रतिशत ब्याज ही लिया जायेगा। शेष ब्याज प्रदेश सरकार देगी। महिलायें बैंक से प्राप्त ऋण का उपयोग अपने कार्यों को आगे बढ़ाने में करें और अन्य समूहों के लिए एक उदाहरण पेश करें। प्रदेश सरकार महिला समूहों को रोजगार के लिए पैसों की कमी नहीं देगी। समूहों से जुड़ी महिलायें संगठित होकर रोजगारमूलक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास कों। मंत्री श्री कावरे ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान आजीविका मिशन की महिलाओं ने बहुत अच्छा काम किया है। समूह की महिलाओं ने मास्क, सेनेटाईजर, साबुन बनाकर इस महामारी के संकट में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। लाकडाउन के समय में भी आजीविका बाजार के माध्यम से जरूरी सामग्री की पूर्ति की है। कार्यक्रम में जिला पंचायत प्रधान श्रीमती रेखा बिसेन ने दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में बहुत जागरूकता आयी है। इस जागरूकता के कारण ही महिलाओं की पुरूषों पर आर्थिक निर्भरता कम हुई है। महिलायें सशक्त बन कर आगे आ रही है। दीदियों को संगठित होकर अपना कार्य आगे बढ़ाना होगा। जिससे वे निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल होंगी।